विवाह मुहूर्त · Nashik (Trimbakeshwar), Maharashtra
Nashik (Trimbakeshwar) विवाह मुहूर्त 2026
For marriage in Nashik (Trimbakeshwar) (Maharashtra), timings are adjusted for local coordinates (19.94N, 73.50E). Rahu Kalam, sunrise, sunset, and Lagna calculations differ from standard Delhi-based muhurat lists because Nashik (Trimbakeshwar) is at a different longitude. Always use city-specific timings for accurate muhurat.
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: पंचांग, मुहूर्त शास्त्र
विवाह मुहूर्त के बारे में
विवाह के लिए शुभ मुहूर्त चुनना हिंदू परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। पंचांग के पाँच अंग — तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण — के आधार पर मुहूर्त का निर्धारण होता है।
मुहूर्त चयन के नियम
- 1.श्रावण, भाद्रपद (पितृ पक्ष) और अधिक मास में विवाह वर्जित है
- 2.शुभ तिथियाँ: द्वितीया, तृतीया, पंचमी, सप्तमी, दशमी, एकादशी, द्वादशी, त्रयोदशी
- 3.शुभ नक्षत्र: रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाती, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
- 4.विवाह लग्न: वृषभ, मिथुन, कर्क, सिंह, तुला, धनु, मीन श्रेष्ठ माने जाते हैं
- 5.बृहस्पति और शुक्र का अस्त होना वर्जित है
- 6.राहु काल, यमगंड और गुलिक काल में विवाह-कार्य वर्जित है
Nashik (Trimbakeshwar) के लिए सटीक समय क्यों ज़रूरी है
सामान्य मुहूर्त सूची दिल्ली या उज्जैन के देशांतर के आधार पर बनती है।Nashik (Trimbakeshwar) का अक्षांश 19.94N और देशांतर 73.50E है, जिसके कारण सूर्योदय, राहु काल और लग्न का समय अलग होता है। दिल्ली में शुभ मुहूर्त जो 7:15 AM पर शुरू हो, वह Nashik (Trimbakeshwar) में बाद में शुरू होगा।
सामान्य प्रश्न
प्र.एक वर्ष में कितने शुभ विवाह मुहूर्त होते हैं?
आमतौर पर एक वर्ष में 40–60 शुभ विवाह तिथियाँ होती हैं, जो अशुभ मास, तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति को हटाने के बाद बचती हैं। अधिक मास वाले वर्ष में यह संख्या कम हो जाती है।
प्र.क्या सावन में विवाह हो सकता है?
उत्तर भारतीय परंपरा में सावन में विवाह वर्जित माना जाता है। दक्षिण भारतीय परंपरा (तमिल, तेलुगु, मलयालम) में यह प्रतिबंध नहीं होता। परिवार की परंपरा के अनुसार निर्णय करें।
प्र.क्या रात में विवाह का मुहूर्त शुभ होता है?
हाँ। अनेक पारंपरिक हिंदू विवाह रात में होते हैं। ब्रह्म मुहूर्त विशेष रूप से शुभ माना जाता है। महत्वपूर्ण यह है कि विवाह के समय लग्न और पंचांग शुभ हो।