आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

तांत्रिक मंत्र · माँ त्रिपुर सुंदरी (षोडशी)

त्रिपुर सुंदरी मंत्र

Tripura Sundari Mantra

प्रकारतांत्रिक मंत्र
देवतामाँ त्रिपुर सुंदरी (षोडशी)
अक्षर10

संस्कृत (देवनागरी)

ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदर्यै नमः

रोमन लिपि

Om Aiṃ Hrīṃ Śrīṃ Tripura Sundaryai Namaḥ

अर्थ

ओम — सरस्वती (ऐं), माया-शक्ति (ह्रीं) और लक्ष्मी (श्रीं) के बीज मंत्रों के साथ — तीनों लोकों में सबसे सुंदर, तांत्रिक परंपरा की सर्वोच्च देवी त्रिपुर सुंदरी को प्रणाम।

अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र

त्रिपुर सुंदरी मंत्र के लाभ

  • ·आंतरिक और बाहरी सर्वोच्च सुंदरता — और अप्रतिरोध्य आकर्षण और अनुग्रह प्रदान करती हैं
  • ·प्रेम, समृद्धि और सभी सांसारिक आशीर्वाद आकर्षित करने के लिए सबसे शक्तिशाली दश महाविद्या
  • ·कुंडलिनी शक्ति को जागृत करती हैं और आध्यात्मिक विकास को तीव्र गति देती हैं
  • ·तीनों लोकों — भौतिक, सूक्ष्म और कारण — में कष्टों को दूर करती हैं
  • ·तीन सिद्धियाँ प्रदान करती हैं: धर्म, अर्थ और काम
  • ·अंततः मोक्ष की ओर ले जाती हैं — वह षोडशी, सोलह-अक्षर की पूर्णता हैं

जाप विधि

  1. 1.यह एक तांत्रिक मंत्र है — आदर्शतः किसी योग्य गुरु से दीक्षा लें
  2. 2.लाल कपड़े या आसन पर पूर्व की ओर मुँह करके बैठें; मूँगे या लाल चंदन की माला उपयोग करें
  3. 3.देवी के लिए लाल फूल, गुलाब की अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएँ
  4. 4.नवरात्रि, शुक्रवार और पूर्णिमा की रात जपें
  5. 5.देवी को सोलह वर्ष की आयु में, दीप्तिमान सुंदर, गन्ने का धनुष, फूलों के बाण, पाश और अंकुश लिए, कमल सिंहासन पर विराजमान कल्पना करें
  6. 6.पूर्ण मन की शुद्धता और सच्ची भक्ति के साथ आएँ — यह एक उच्च शक्ति मंत्र है

जाप का सर्वोत्तम समय

नवरात्रि की रातें। शुक्रवार। पूर्णिमा। षोडशी तिथि (16वाँ चंद्र दिवस)। गहरे तांत्रिक अभ्यास के लिए मध्यरात्रि।

अनुशंसित जाप संख्या

प्रतिदिन 108 बार। सिद्धि के लिए: 40 लगातार दिनों तक 1008 बार।

सामान्य प्रश्न

प्र.दश महाविद्या में त्रिपुर सुंदरी कौन हैं?

त्रिपुर सुंदरी (जिन्हें षोडशी, ललिता या राजराजेश्वरी भी कहते हैं) दश महाविद्याओं में तीसरी और शक्ति का सर्वोच्च रूप मानी जाती हैं। वह तीनों लोकों की सौंदर्य और अनुग्रह की संपूर्णता का प्रतिनिधित्व करती हैं।

प्र.क्या गुरु के बिना त्रिपुर सुंदरी मंत्र जपना सुरक्षित है?

पंचदशी और षोडशी मंत्र अत्यंत गुह्य हैं और पारंपरिक रूप से गुरु दीक्षा की आवश्यकता होती है। हालाँकि, "ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुंदर्यै नमः" छोटा मंत्र सभी श्रद्धालु साधकों के लिए सुलभ और सुरक्षित है। मुख्य बात है निरंतर भक्ति, पवित्रता और परंपरा के प्रति सम्मान।

संबंधित मंत्र