तांत्रिक मंत्र · माँ तारा (उग्र तारा)
तारा मंत्र
Tara Mantra
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्
रोमन लिपि
Om Hrīṃ Strīṃ Hūṃ Phaṭ
अर्थ
ओम — ब्रह्मांडीय माया (ह्रीं), स्त्री शक्ति (स्त्रीं) और भेदक शक्ति (हुं) के बीज मंत्रों के साथ — फट् (बाधाओं के नाश का अक्षर)। यह एकजटा तारा का बीज मंत्र है — एकल वेणी वाली उग्र देवी जो मुक्ति के मार्ग में आने वाली सभी बाधाओं को नष्ट करती हैं।
अंतिम अपडेट: 23 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
तारा मंत्र के लाभ
- ·सभी बाधाओं, संकटों और जीवन की सबसे गंभीर कठिनाइयों को पार करने के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र
- ·दश महाविद्याओं में दूसरी — निर्भयता, सुरक्षा और शीघ्र उद्धार प्रदान करती हैं
- ·पिछले जन्मों के नकारात्मक कर्मों को नष्ट करती हैं और आध्यात्मिक प्रगति का मार्ग साफ करती हैं
- ·खतरे में, गंभीर बीमारी, या लत में फँसे लोगों के लिए अत्यंत शक्तिशाली
- ·वाक्पटुता, ज्ञान और वाणी पर महारत देती हैं — तारा वाणी की देवी भी हैं
- ·सांसारिक पीड़ा के सागर (संसार) से मुक्ति दिलाती हैं — उनका नाम अर्थ है "पार ले जाने वाली"
जाप विधि
- 1.यह एक तांत्रिक बीज मंत्र है — पूर्ण श्रद्धा और पवित्रता के साथ आएँ
- 2.उत्तर दिशा की ओर मुँह करके नीले या काले कपड़े पर बैठें — नीला तारा का रंग है
- 3.नीले कमल के फूल (या कोई भी नीला फूल), गहरी अगरबत्ती और घी का दीपक जलाएँ
- 4.रात में जपें — तारा एक रात्रिचर देवी हैं जो सूर्यास्त के बाद सबसे अधिक प्रतिक्रियाशील हैं
- 5.उन्हें नीले रंग की, उग्र, शव पर विराजमान, बाघ की खाल पहने हुए कल्पना करें
- 6.अधिकतम प्रभाव के लिए 40 लगातार दिनों तक जपें — महाविद्या मंत्रों में निरंतरता आवश्यक है
जाप का सर्वोत्तम समय
रात का समय, विशेष रूप से रात 10 बजे से 2 बजे के बीच। नवरात्रि। अष्टमी (8वाँ चंद्र दिवस)। ग्रहण की रातें।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। गहरे अभ्यास के लिए 1008 बार। सिद्धि अभ्यास: 1008 जाप के 40 दिन।
सामान्य प्रश्न
प्र.हिंदू तारा और बौद्ध तारा में क्या अंतर है?
दोनों परंपराएँ एक ही मूल देवी साझा करती हैं। हिंदू धर्म में तारा दश महाविद्याओं में दूसरी हैं — उग्र, सुरक्षात्मक और संसार से मुक्ति से जुड़ी हैं। बौद्ध धर्म (विशेष रूप से वज्रयान) में तारा करुणा की देवी हैं जो 21 रूपों में प्रकट होती हैं।
प्र.क्या तारा मंत्र जपना खतरनाक है?
तारा एक महाविद्या हैं — उच्च-शक्ति की तांत्रिक देवी। बीज मंत्र "ॐ ह्रीं स्त्रीं हुं फट्" शक्तिशाली लेकिन सच्चे साधकों के लिए सुलभ है। सच्ची भक्ति, पवित्रता और निरंतरता के साथ जपें। यदि संभव हो तो शाक्त तंत्र से परिचित किसी शिक्षक का मार्गदर्शन लें।