पौराणिक मंत्र · भगवान राम (रक्षक के रूप में)
राम रक्षा स्तोत्र
Ram Raksha Stotra
संस्कृत (देवनागरी)
चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम् एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम् रामं दूर्वादलश्यामं पद्माक्षं पीतवाससम् स्तुवन्ति नामभिर्दिव्यैः न ते संसारिणो नराः
रोमन लिपि
Charitam Raghunathsya Shatakoitipravistaram Ekaikanaksharampunsam Mahapatakanashanam Ramam Durvadalashyamam Padmaksham Pitavasasam Stuvanti Namabhirdivyaih Na Te Samsarino Narah
अर्थ
रघुनाथ (राम) की कथा सौ करोड़ श्लोकों में विस्तृत है — इसका एक-एक अक्षर मनुष्यों के महापापों का नाश करता है। जो दूर्वा दल के समान श्यामल, कमल नेत्र, पीत वस्त्र धारी राम की दिव्य नामों से स्तुति करते हैं, वे संसार के बंधन में नहीं पड़ते।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
राम रक्षा स्तोत्र के लाभ
- ·पूर्ण राम रक्षा स्तोत्र (38 श्लोक) सभी बुराइयों से पूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है
- ·हिंदू धर्म में सबसे शक्तिशाली कवचों (कवच मंत्र) में से एक
- ·दैनिक पाठ भक्त के चारों ओर एक अभेद्य कवच बनाता है
- ·सभी पापों को नष्ट करता है और ईमानदार साधकों के लिए पुनर्जन्म के चक्र को दूर करता है
- ·ऋषि बुध कौशिक द्वारा रचित — परंपरागत रूप से भोर में गाया जाता है
- ·दैनिक पाठ से बच्चों, घरों और सभी परिवार के सदस्यों की रक्षा होती है
जाप विधि
- 1.ब्रह्म मुहूर्त में जपें — यह स्तोत्र पारंपरिक रूप से ऋषि बुध कौशिक को भोर में प्रकट हुआ था
- 2.पूरे 38 श्लोकों में लगभग 10-15 मिनट लगते हैं
- 3.राम जी को तुलसी, कमल के फूल अर्पित करें और घी का दीपक जलाएँ
- 4.घर की सुरक्षा के लिए: राम रक्षा स्तोत्र लिखकर प्रवेश द्वार पर रखें
- 5.यात्रा सुरक्षा के लिए किसी भी यात्रा से पहले पाठ करें
- 6.राम रक्षा स्तोत्र के लिए बुधवार और रविवार प्रातः शुभ
जाप का सर्वोत्तम समय
ब्रह्म मुहूर्त (भोर)। बुधवार और रविवार। राम नवमी। यात्रा से पहले।
अनुशंसित जाप संख्या
पूरे 38 श्लोक: प्रतिदिन 1-3 बार। सुरक्षा आपातकाल के लिए: 11 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.सुरक्षा के लिए राम रक्षा स्तोत्र या हनुमान चालीसा — कौन बेहतर?
दोनों असाधारण सुरक्षा मंत्र हैं। राम रक्षा स्तोत्र सीधे राम के सुरक्षा कवच का आह्वान करता है। हनुमान चालीसा हनुमान — राम के सबसे शक्तिशाली भक्त — को आमंत्रित करती है। दोनों को मिलाकर: ब्रह्म मुहूर्त में राम रक्षा और मंगलवार-शनिवार को हनुमान चालीसा।