वैदिक मंत्र · भगवान श्री राम
राम गायत्री मंत्र
Ram Gayatri Mantra
प्रकारवैदिक मंत्र
देवताभगवान श्री राम
अक्षर24
संस्कृत (देवनागरी)
ॐ दाशरथाय विद्महे सीतावल्लभाय धीमहि तन्नो रामः प्रचोदयात्
रोमन लिपि
Om Dasharathaya Vidmahe Sitavallabhaya Dhimahi Tanno Ramah Prachodayat
अर्थ
हम दशरथ के पुत्र को जानते हैं, सीता के प्रिय का ध्यान करते हैं, राम हमें प्रेरित और प्रकाशित करें।
अंतिम अपडेट: 22 मई 2026 · पारंपरिक वैदिक मंत्र
राम गायत्री मंत्र के लाभ
- ·राम के धर्म, सत्य और उत्कृष्ट आचरण के गुणों का आह्वान
- ·कुंडली में सूर्य मजबूत होता है, राम सूर्यवंश के हैं
- ·स्थिरता, न्याय और सभी प्रयासों में धर्मसम्मत सफलता मिलती है
- ·साधक के जीवन से बेईमानी और अन्याय दूर होते हैं
- ·पारिवारिक सद्भाव और पति-पत्नी के बीच बंधन मजबूत होता है
- ·राम के गुण, धैर्य, कर्तव्य और अटूट नैतिकता, मिलते हैं
जाप विधि
- 1.राम के लिए रविवार और बुधवार प्रातः शुभ
- 2.राम नवमी (राम जन्मोत्सव) सबसे शक्तिशाली दिन
- 3.राम जी को तुलसी, कमल और पीले फूल अर्पित करें
- 4.तुलसी माला
- 5.पूर्ण सुरक्षा के लिए राम रक्षा स्तोत्र के साथ जपें
- 6.जाप के दौरान पूर्व दिशा में मुँह करें
जाप का सर्वोत्तम समय
रविवार और बुधवार ब्रह्म मुहूर्त। राम नवमी। एकादशी।
अनुशंसित जाप संख्या
प्रतिदिन 108 बार। राम नवमी: 1008 बार।
सामान्य प्रश्न
प्र.राम गायत्री में सीता का उल्लेख क्यों?
भक्ति परंपरा में सीता राम से अविभाज्य हैं, "सीता-राम" संयुक्त रूप है। सीता का उल्लेख दिव्य दंपत्ति का संपूर्ण आह्वान करता है, पुरुष (धर्म) और स्त्री (प्रेम) दोनों गुण मिलते हैं।