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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 14 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या

सपने में सूर्यास्त देखना, अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण

संकेतसंदर्भ पर निर्भर
परंपरावैदिक स्वप्न शास्त्र
स्रोतबृहत् संहिता, स्वप्न चिंतामणि

वैदिक स्वप्न शास्त्र में सूर्यास्त का सपना एक मिठी-कड़वी भावना लेकर आता है, एक चरण के सुंदर अंत, एक चक्र के पूरा होने और नवीनीकरण से पहले विश्राम में संक्रमण का संकेत। सुंदर, रंगीन सूर्यास्त, कुछ खूबसूरती से समाप्त हो रहा है। अचानक, अंधेरा सूर्यास्त, अप्रत्याशित समापन।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि

वैदिक अर्थ

सूर्यास्त (संध्या) वैदिक परंपरा में गहरे अनुष्ठान महत्व रखता है, संध्यावंदन प्रकाश और अंधकार के ब्रह्मांडीय चक्र की दैनिक स्वीकृति है।

भव्य, रंगीन सूर्यास्त, सौंदर्य के साथ पूर्णता। कोई रिश्ता, परियोजना या जीवन का चरण अपने स्वाभाविक अंत पर है।

शांति और स्वीकृति के साथ सूर्यास्त देखना, चीज़ों को बिना अड़े समाप्त होने देने की भावनात्मक परिपक्वता।

स्वप्न शास्त्र क्या है?

स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।

सामान्य प्रश्न

प्र.सपने में सूर्यास्त देखने का क्या अर्थ है?

सूर्यास्त का सपना किसी चक्र या जीवन चरण की सुंदर पूर्णता का संकेत है। भव्य सूर्यास्त, कुछ खूबसूरती से समाप्त हो रहा है, स्वीकृति के साथ जाने दें।

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