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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या

सपने में पुत्र देखना, अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण

संकेतशुभ स्वप्न ✓
परंपरावैदिक स्वप्न शास्त्र
स्रोतबृहत् संहिता, स्वप्न चिंतामणि

वैदिक स्वप्न शास्त्र में पुत्र देखने का सपना शुभ है। पुत्र, वंश की निरंतरता, धर्म और पितृ ऋण की पूर्ति। स्वस्थ, प्रसन्न बालक, सौभाग्य और नए उपक्रम।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि

वैदिक अर्थ

पुत्र, माता-पिता की पुत नर्क से रक्षा करने वाला। पुत्र जन्म, धर्म और वंश की निरंतरता। सपने में पुत्र, निरंतरता, सुरक्षा, कर्तव्य पूर्ति।

स्वस्थ, आनंदित पुत्र, जीवन में किसी नई चीज का जन्म। परियोजना या उद्यम जो बढ़ेगा।

पुत्र का आना या बुलाना, वंश और पारिवारिक कर्तव्यों का आह्वान।

स्वप्न शास्त्र क्या है?

स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।

सामान्य प्रश्न

प्र.सपने में पुत्र देखने का क्या अर्थ है?

वंश निरंतरता और नई वृद्धि। स्वस्थ पुत्र, नई परियोजना का उदय; बुलाना, पारिवारिक कर्तव्य।

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