स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या
सपने में कबूतर देखना — अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण
वैदिक स्वप्न शास्त्र में कबूतर का सपना शुभ है — शांति, अच्छी खबर और दैवीय संदेश का प्रतीक। कबूतर का पास आना शीघ्र ही सकारात्मक समाचार का संकेत है। सफेद कबूतर विशेष रूप से पवित्र माना जाता है।
अंतिम अपडेट: 20 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि
वैदिक अर्थ
वैदिक स्वप्न शास्त्र में कबूतर दूत पक्षी है — जो संसारों के बीच और लोगों के बीच समाचार ले जाता है।
सफेद कबूतर हाथ या कंधे पर — शुद्ध इरादे, दैवीय कृपा और उथल-पुथल के बाद जीवन में शांति का संकेत।
दो कबूतर साथ — सामंजस्यपूर्ण रिश्ते, स्थायी साझेदारी और घरेलू सुख। विवाहित जोड़ों के लिए आशीर्वाद।
स्वप्न शास्त्र क्या है?
स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है — प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।
सामान्य प्रश्न
प्र.सपने में कबूतर देखने का क्या अर्थ है?
वैदिक परंपरा में कबूतर का सपना शुभ है — अच्छी खबर, शांतिपूर्ण संचार और दैवीय संदेश का संकेत। सफेद कबूतर शुद्धता और दैवीय कृपा का प्रतीक है।