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स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या

सपने में चाँदनी / पूर्णिमा, अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण

संकेतशुभ स्वप्न ✓
परंपरावैदिक स्वप्न शास्त्र
स्रोतबृहत् संहिता, स्वप्न चिंतामणि

वैदिक स्वप्न शास्त्र में चाँदनी या पूर्णिमा का सपना शुभ है। चंद्रमा, मन, भावनाएं, अंतर्ज्ञान और माता। सुंदर चाँदनी, भावनात्मक शांति और अंतर्ज्ञान की स्पष्टता।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि

वैदिक अर्थ

चंद्र देव, मन, भावनाओं और रात के देवता। उनका प्रकाश शीतल, परावर्तक, अवचेतन से जुड़ा।

चाँदनी में स्नान या पूर्णिमा के प्रकाश में बैठना, भावनात्मक शांति और अंतर्ज्ञान का उन्नयन।

जल पर परावर्तित पूर्णिमा, पूर्ण भावनात्मक संतुलन और ब्रह्मांड के साथ सामंजस्य।

स्वप्न शास्त्र क्या है?

स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।

सामान्य प्रश्न

प्र.सपने में चाँदनी देखने का क्या अर्थ है?

चाँदनी, भावनात्मक शांति और अंतर्ज्ञान। जल पर पूर्णिमा, पूर्ण भावनात्मक संतुलन।

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