आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 14 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या

सपने में इंद्र देव, अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण

संकेतशुभ स्वप्न ✓
परंपरावैदिक स्वप्न शास्त्र
स्रोतबृहत् संहिता, स्वप्न चिंतामणि

वैदिक स्वप्न शास्त्र में इंद्र देव का सपना शुभ है। इंद्र देवराज हैं, स्वर्ग के राजा, वर्षा के स्वामी, वज्र धारक। उनका दर्शन, अधिकार, शक्ति और सूखे के बाद वर्षा।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि

वैदिक अर्थ

इंद्र, देवेंद्र, 33 वैदिक देवों के राजा, अमरावती से शासन। वर्षा, गर्जन, वज्र और इच्छाओं की पूर्ति।

स्वर्ग में इंद्र, संचित पुण्य कर्म का फल। सांसारिक इच्छाओं की पूर्ति।

वर देते या अनुमोदन करते इंद्र, सर्वोच्च अधिकार द्वारा मान्यता। जो माँगा जा रहा है वह दिया जा रहा है।

स्वप्न शास्त्र क्या है?

स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।

सामान्य प्रश्न

प्र.सपने में इंद्र देव का क्या अर्थ है?

इंद्र, देव राजा। अधिकार, शक्ति और पुण्य कर्म का फल। वर देना, माँगी हुई चीज मिल रही है।

अन्य सपनों का अर्थ