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खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIरविवार, 14 जून 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

स्वप्न शास्त्र · वैदिक स्वप्न व्याख्या

सपने में ग्रहण देखना, अर्थ और स्वप्न शास्त्र विश्लेषण

संकेतसावधानी का संकेत
परंपरावैदिक स्वप्न शास्त्र
स्रोतबृहत् संहिता, स्वप्न चिंतामणि

वैदिक स्वप्न शास्त्र में ग्रहण का सपना अशुभ माना जाता है। ग्रहण दैवीय प्रकाश का अस्थायी अवरोध है, भ्रम, अवरुद्ध प्रगति और राहु-केतु के प्रभाव का संकेत। उपाय करना उचित है।

अंतिम अपडेट: 14 जून 2026 · स्रोत: बृहत् संहिता (वराहमिहिर), स्वप्न चिंतामणि

वैदिक अर्थ

ज्योतिष में राहु-केतु, चंद्रमा की छाया गाँठें, ग्रहण उत्पन्न करते हैं। राहु, भ्रम, कर्म ऋण। केतु, वैराग्य, अंत। ग्रहण का सपना, ये शक्तियाँ सक्रिय हैं।

सूर्य ग्रहण, पिता तत्व, अहंकार या आत्म-पहचान अस्थायी रूप से अस्पष्ट। निर्णय लेने में सावधानी।

चंद्र ग्रहण, भावनात्मक भ्रम, अंतर्ज्ञान अस्थायी रूप से बाधित। महत्वपूर्ण निर्णयों की प्रतीक्षा।

उपाय

  1. 1.शनि मंदिर में शनिवार को तिल और काला वस्त्र दान करें।
  2. 2.राहु बीज मंत्र "ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः" 108 बार जपें।
  3. 3.सोमवार को चावल और चाँदी का दान करें (चंद्र ग्रहण उपाय)।

स्वप्न शास्त्र क्या है?

स्वप्न शास्त्र वैदिक स्वप्न व्याख्या का विज्ञान है, जिसकी जड़ें बृहत् संहिता (6ठी शताब्दी CE, वराहमिहिर) और स्वप्न चिंतामणि जैसे ग्रंथों में हैं। आधुनिक मनोविज्ञान के विपरीत जो सपनों को पूरी तरह व्यक्तिपरक मानता है, स्वप्न शास्त्र सपनों को शुभ (शुभ स्वप्न), अशुभ (अशुभ स्वप्न) और तटस्थ श्रेणियों में वर्गीकृत करता है, प्रत्येक में विशिष्ट संदेश और अनुशंसित उपाय होते हैं। परंपरा नौ सर्वोच्च शुभ स्वप्न प्रतीकों (नव शुभ स्वप्न) और बारह अशुभ प्रतीकों को मान्यता देती है।

सामान्य प्रश्न

प्र.क्या ग्रहण का सपना बुरा होता है?

हाँ, ग्रहण का सपना अशुभ है, भ्रम और राहु/केतु प्रभाव का संकेत। विनाशकारी नहीं, ग्रहण की तरह अस्थायी। उपाय करें।

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