विंशोत्तरी दशा — BPHS
सूर्य महादशा - गुरु अंतर्दशा — वृषभ लग्न (Taurus)
संक्षिप्त उत्तर
वृषभ (Taurus) लग्न के लिए सूर्य महादशा (6 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.8 वर्ष) — सूर्य महादशा (6 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.8 वर्ष) — वृषभ लग्न के लिए सूर्य तटस्थ और गुरु तटस्थ है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, विंशोत्तरी दशा अध्याय
सूर्य महादशा (6 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.8 वर्ष) — वृषभ लग्न के लिए सूर्य तटस्थ और गुरु तटस्थ है। इस मिश्रित काल में सावधानीपूर्वक निर्णय लें।
करियर और व्यवसाय
करियर में मिश्रित फल। सूर्य कुछ चुनौतियाँ लाता है। प्रत्येक अवसर को सावधानी से परखें।
वित्त और धन
गुरु का प्रभाव आर्थिक विकास का संकेत है। बचत, सोना और संपत्ति में निवेश शुभ। लोभ से बचें।
विवाह और रिश्ते
रिश्तों पर सूर्य-गुरु का मिश्रित प्रभाव। वृषभ लग्न के सप्तम भाव की दशा विशेष महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य
सूर्य महादशा में स्वास्थ्य पर हृदय और दृष्टि विषयों पर ध्यान दें। गुरु अंतर्दशा में नियमित स्वास्थ्य जाँच कराएँ।
व्यावहारिक सुझाव और उपाय
सूर्य महादशा के लिए: रविवार को सूर्य नमस्कार, आदित्य हृदय स्तोत्र। गुरु अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।
सामान्य प्रश्न
प्र.सूर्य-गुरु अंतर्दशा कितने समय की होती है?
सूर्य महादशा कुल 6 वर्ष की होती है। इसमें गुरु अंतर्दशा लगभग 0.8 वर्ष (10 माह) की होती है। यह विंशोत्तरी गणना (6 × 16 ÷ 120) से निकाली जाती है।
प्र.वृषभ लग्न के लिए सूर्य-गुरु शुभ है या अशुभ?
सूर्य महादशा (6 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.8 वर्ष) — वृषभ लग्न के लिए सूर्य तटस्थ और गुरु तटस्थ है। इस मिश्रित काल में सावधानीपूर्वक निर्णय लें।
प्र.सूर्य-गुरु में करियर कैसा रहेगा?
करियर में मिश्रित फल। सूर्य कुछ चुनौतियाँ लाता है। प्रत्येक अवसर को सावधानी से परखें।
प्र.सूर्य-गुरु के कठिन प्रभाव के उपाय क्या हैं?
सूर्य महादशा के लिए: रविवार को सूर्य नमस्कार, आदित्य हृदय स्तोत्र। गुरु अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।