विंशोत्तरी दशा — BPHS
मंगल महादशा - गुरु अंतर्दशा — कुम्भ लग्न (Aquarius)
संक्षिप्त उत्तर
कुम्भ (Aquarius) लग्न के लिए मंगल महादशा (7 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.9 वर्ष) — मंगल महादशा (7 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.9 वर्ष) — कुम्भ लग्न के लिए मंगल तटस्थ और गुरु तटस्थ है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, विंशोत्तरी दशा अध्याय
मंगल महादशा (7 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.9 वर्ष) — कुम्भ लग्न के लिए मंगल तटस्थ और गुरु तटस्थ है। इस मिश्रित काल में सावधानीपूर्वक निर्णय लें।
करियर और व्यवसाय
करियर में मिश्रित फल। मंगल कुछ चुनौतियाँ लाता है। प्रत्येक अवसर को सावधानी से परखें।
वित्त और धन
गुरु का प्रभाव आर्थिक विकास का संकेत है। बचत, सोना और संपत्ति में निवेश शुभ। लोभ से बचें।
विवाह और रिश्ते
रिश्तों पर मंगल-गुरु का मिश्रित प्रभाव। कुम्भ लग्न के सप्तम भाव की दशा विशेष महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य
मंगल महादशा में स्वास्थ्य पर रक्त, ऊर्जा और दुर्घटना विषयों पर ध्यान दें। गुरु अंतर्दशा में नियमित स्वास्थ्य जाँच कराएँ।
व्यावहारिक सुझाव और उपाय
मंगल महादशा के लिए: मंगलवार हनुमान पूजा, लाल मसूर दान। गुरु अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।
सामान्य प्रश्न
प्र.मंगल-गुरु अंतर्दशा कितने समय की होती है?
मंगल महादशा कुल 7 वर्ष की होती है। इसमें गुरु अंतर्दशा लगभग 0.9 वर्ष (11 माह) की होती है। यह विंशोत्तरी गणना (7 × 16 ÷ 120) से निकाली जाती है।
प्र.कुम्भ लग्न के लिए मंगल-गुरु शुभ है या अशुभ?
मंगल महादशा (7 वर्ष) में गुरु अंतर्दशा (0.9 वर्ष) — कुम्भ लग्न के लिए मंगल तटस्थ और गुरु तटस्थ है। इस मिश्रित काल में सावधानीपूर्वक निर्णय लें।
प्र.मंगल-गुरु में करियर कैसा रहेगा?
करियर में मिश्रित फल। मंगल कुछ चुनौतियाँ लाता है। प्रत्येक अवसर को सावधानी से परखें।
प्र.मंगल-गुरु के कठिन प्रभाव के उपाय क्या हैं?
मंगल महादशा के लिए: मंगलवार हनुमान पूजा, लाल मसूर दान। गुरु अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।