विंशोत्तरी दशा — BPHS
गुरु महादशा - चंद्र अंतर्दशा — कर्क लग्न (Cancer)
संक्षिप्त उत्तर
कर्क (Cancer) लग्न के लिए गुरु महादशा (16 वर्ष) में चंद्र अंतर्दशा (1.3 वर्ष) — गुरु महादशा (16 वर्ष) में चंद्र अंतर्दशा (1.3 वर्ष) — कर्क लग्न के लिए गुरु शुभ और चंद्र शुभ है।
अंतिम अपडेट: 19 अप्रैल 2026 · स्रोत: बृहत् पाराशर होरा शास्त्र, विंशोत्तरी दशा अध्याय
गुरु महादशा (16 वर्ष) में चंद्र अंतर्दशा (1.3 वर्ष) — कर्क लग्न के लिए गुरु शुभ और चंद्र शुभ है। दोनों शुभ ग्रहों का संयोग इस काल को विशेष अनुकूल बनाता है।
करियर और व्यवसाय
करियर में प्रगति संभव है। गुरु की दीर्घकालिक शक्ति और चंद्र की अंतर्दशा ऊर्जा मिलकर पदोन्नति, नई नौकरी या व्यवसाय में सफलता देती है।
वित्त और धन
गुरु का प्रभाव आर्थिक विकास का संकेत है। बचत, सोना और संपत्ति में निवेश शुभ। लोभ से बचें।
विवाह और रिश्ते
रिश्तों पर गुरु-चंद्र का मिश्रित प्रभाव। कर्क लग्न के सप्तम भाव की दशा विशेष महत्वपूर्ण है।
स्वास्थ्य
गुरु महादशा में स्वास्थ्य पर सामान्य विषयों पर ध्यान दें। चंद्र अंतर्दशा में नियमित स्वास्थ्य जाँच कराएँ।
व्यावहारिक सुझाव और उपाय
गुरु महादशा के लिए: गुरुवार व्रत, पीली वस्तुएँ दान, विष्णु पूजा। चंद्र अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।
सामान्य प्रश्न
प्र.गुरु-चंद्र अंतर्दशा कितने समय की होती है?
गुरु महादशा कुल 16 वर्ष की होती है। इसमें चंद्र अंतर्दशा लगभग 1.3 वर्ष (16 माह) की होती है। यह विंशोत्तरी गणना (16 × 10 ÷ 120) से निकाली जाती है।
प्र.कर्क लग्न के लिए गुरु-चंद्र शुभ है या अशुभ?
गुरु महादशा (16 वर्ष) में चंद्र अंतर्दशा (1.3 वर्ष) — कर्क लग्न के लिए गुरु शुभ और चंद्र शुभ है। दोनों शुभ ग्रहों का संयोग इस काल को विशेष अनुकूल बनाता है।
प्र.गुरु-चंद्र में करियर कैसा रहेगा?
करियर में प्रगति संभव है। गुरु की दीर्घकालिक शक्ति और चंद्र की अंतर्दशा ऊर्जा मिलकर पदोन्नति, नई नौकरी या व्यवसाय में सफलता देती है।
प्र.गुरु-चंद्र के कठिन प्रभाव के उपाय क्या हैं?
गुरु महादशा के लिए: गुरुवार व्रत, पीली वस्तुएँ दान, विष्णु पूजा। चंद्र अंतर्दशा में इसके विशिष्ट उपाय भी करें।