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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

रोहित शर्मा

Rohit Sharma

रोहित शर्मा की कुंडली — जन्म कुंडली विश्लेषण

कर्क लग्न लग्न · कर्क राशि चंद्र · पुनर्वसु नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

30 April 1987

जन्म समय

9:30 AM

जन्म स्थान

Nagpur, Maharashtra

लग्न

कर्क लग्न

Cancer (Karka)

चंद्र राशि

कर्क राशि

Cancer (Karka)

नक्षत्र

पुनर्वसु नक्षत्र

Punarvasu (Pada 4)

सूर्य राशि

Aries (Mesha)

कुंडली परिचय

रोहित शर्मा की कुण्डली में कर्क लग्न है — चंद्रमा की राशि जो भावनात्मक पारदर्शिता और टीम-विश्वास के माध्यम से नेतृत्व की राशि है। लग्न में ही चंद्रमा का अपनी राशि में पुनर्वसु नक्षत्र में होना उनकी सर्वाधिक विशिष्ट विशेषता है — पुनर्वसु नक्षत्र का अर्थ है 'अच्छे का पुनः लौटना', और उनका पूरा करियर इसी नक्षत्र की जीवनी है: 2014-2019 तक टेस्ट टीम से बाहर, फिर ओपनर के रूप में वापसी और भारत के सर्वाधिक सफल ICC-ट्रॉफी जीतने वाले टेस्ट कप्तान। मेष राशि में दसवें भाव में उच्च का सूर्य इस कुण्डली का सर्वश्रेष्ठ राजयोग है — ODI में तीन दोहरे शतक (क्रिकेट इतिहास में अद्वितीय) और 2024 T20 विश्वकप विजय इसी उच्च दशम सूर्य के प्रतिफल हैं।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01दसवें भाव में उच्च सूर्य (मेष राशि) — सर्वश्रेष्ठ राजयोग: सर्वोच्च पदवी पर सर्वाधिक प्रतिभा; ODI में तीन दोहरे शतक और ICC ट्रॉफी इसी उच्च दशम सूर्य की देन
  • 02लग्न में स्वराशि चंद्र (पुनर्वसु) — भावनात्मक पारदर्शिता से टीम-विश्वास; खिलाड़ी कप्तान का वास्तविक आत्मविश्वास देखते हैं और उससे प्रेरणा पाते हैं
  • 03पुनर्वसु नक्षत्र (बृहस्पति-अधिपत्य) — 'अच्छे का पुनः लौटना'; टेस्ट टीम से बाहर → ओपनर के रूप में वापसी → सर्वाधिक सफल कप्तान: यही पुनर्वसु का क्रम है
  • 04कर्क लग्न के लिए बृहस्पति भाग्यकारक — नवम भाव के स्वामी के रूप में बृहस्पति भाग्य का मुख्य ग्रह; बृहस्पति महादशा में सर्वश्रेष्ठ ICC उपलब्धियाँ
  • 05दसवाँ-लग्न सूर्य-चंद्र अक्ष — यश और सार्वजनिक प्राधिकार की शक्तिशाली धुरी; बड़े अवसरों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन

सामान्य प्रश्न

रोहित शर्मा का लग्न कौन सा है?

रोहित शर्मा का लग्न कर्क (Cancer) है। 30 अप्रैल 1987 को नागपुर में लगभग 9:30 बजे कर्क राशि पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी। लग्नेश चंद्रमा का अपनी राशि में लग्न में पुनर्वसु नक्षत्र में होना उनकी भावनात्मक पारदर्शी नेतृत्व-शैली का ज्योतिषीय आधार है — धोनी की छिपाव-आधारित नेतृत्व के विपरीत, रोहित की खुली भावनात्मकता टीम-विश्वास का स्रोत है।

ODI में तीन दोहरे शतक का ज्योतिषीय कारण क्या है?

मेष राशि में दसवें भाव में उच्च सूर्य। उच्च सूर्य अपनी अधिकतम शक्ति पर होता है, और दसवाँ भाव सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मंच पर सर्वाधिक उत्पादकता का भाव है। जब सर्वोच्च सूर्य सर्वोच्च भाव में हो, तो व्यक्ति बड़े अवसरों पर असाधारण प्रदर्शन करता है — तीनों दोहरे शतक उच्च-दबाव, उच्च-प्रोफ़ाइल द्विपक्षीय श्रृंखलाओं में आए।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

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