आज: वैदिक ज्योतिष · प्राचीन · सटीक · मुफ्त
खंड १ · अंक १ · स्था. MMXXVIशुक्रवार, 24 अप्रैल 2026मुफ्त · वैदिक · सटीक
VedicBirth
वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

रणबीर कपूर

Ranbir Kapoor

रणबीर कपूर की कुंडली — जन्म कुंडली विश्लेषण

कर्क लग्न लग्न · तुला राशि चंद्र · स्वाती नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

28 September 1982

जन्म समय

2:00 AM

जन्म स्थान

Mumbai, Maharashtra

लग्न

कर्क लग्न

Cancer (Karka)

चंद्र राशि

तुला राशि

Libra (Tula)

नक्षत्र

स्वाती नक्षत्र

Swati (Pada 3)

सूर्य राशि

Virgo (Kanya)

कुंडली परिचय

रणबीर कपूर की कुण्डली में कर्क लग्न है और लग्नेश चंद्रमा तुला राशि में स्वाती नक्षत्र के चतुर्थ भाव में है। स्वाती — राहु-शासित, स्वतंत्रता और लचीलेपन का नक्षत्र — चतुर्थ भाव में: पारिवारिक जड़ों से गहरा लगाव और साथ में स्वतंत्र पहचान की तीव्र माँग — यही उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन की मूल कहानी है। तृतीय भाव में कन्या राशि का सूर्य विश्लेषणात्मक, आत्म-आलोचक कलात्मक बुद्धिमत्ता देता है — 'बर्फ़ी!', 'रॉकस्टार', 'संजू' इसी कन्या सूर्य की परिपक्व अभिव्यक्ति हैं। पंचम भाव में वृश्चिक राशि में बृहस्पति पात्र-मनोविज्ञान में गहराई से उतरने की क्षमता देता है।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01स्वाती चंद्र चतुर्थ भाव में — स्वतंत्रता और जड़ों के बीच तनाव: परदे पर भावनात्मक असुरक्षा और व्यक्तिगत सम्बन्धों में प्रतिबद्धता की जटिलता
  • 02तृतीय भाव में कन्या सूर्य — ललित कला में विश्लेषणात्मक आत्म-आलोचना: 'बर्फ़ी!' और 'संजू' में तकनीकी परिपक्वता
  • 03तृतीय भाव में नीच शुक्र (कन्या) — दोषपूर्ण, खुरदरे सौन्दर्य की सौन्दर्यशास्त्र: टूटे पात्रों की प्राथमिकता
  • 04पंचम भाव में वृश्चिक बृहस्पति — पात्र-मनोविज्ञान में गहरी खुदाई: कपूर परिवार की रंगमंच विरासत
  • 05कर्क लग्न में चतुर्थ भाव चंद्र — निजी भावनात्मक रजिस्टर तक सीधी पहुँच: कैमरे पर अनैच्छिक प्रामाणिकता

सामान्य प्रश्न

रणबीर कपूर का लग्न कौन सा है?

रणबीर कपूर का लग्न कर्क (Cancer) है। 28 सितम्बर 1982 को मुम्बई में रात 2 बजे कर्क राशि उदित हो रही थी। लग्नेश चंद्रमा स्वाती नक्षत्र में तुला राशि के चतुर्थ भाव में — भावनात्मक गहराई और स्वतंत्रता की माँग का संगम — उनकी पर्दे पर कमज़ोरी और ताक़त दोनों का स्रोत।

रणबीर के टूटे पात्रों की प्राथमिकता का ज्योतिषीय कारण?

तृतीय भाव में कन्या राशि में नीच शुक्र। शुक्र कन्या में असहज है और केवल दोषपूर्ण, खुरदरे सौन्दर्य में ही पूरी तरह व्यक्त होता है। तृतीय भाव (ललित कला) में यह शुक्र 'रॉकस्टार' के जॉर्डन, 'बर्फ़ी!' के श्रवण-बाधित बर्फ़ी, और 'संजू' के व्यसनी संजय दत्त जैसे टूटे पात्रों में ही स्वाभाविक पाता है।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

अपनी कुंडली देखें →सभी कुंडलियाँ →English Analysis →