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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

पी.वी. सिन्धु

PV Sindhu

पी.वी. सिन्धु की कुंडली — जन्म कुंडली विश्लेषण

कर्क लग्न लग्न · मेष राशि चंद्र · अश्विनी नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

5 July 1995

जन्म समय

7:30 AM

जन्म स्थान

Hyderabad, Telangana

लग्न

कर्क लग्न

Cancer (Karka)

चंद्र राशि

मेष राशि

Aries (Mesha)

नक्षत्र

अश्विनी नक्षत्र

Ashwini (Pada 3)

सूर्य राशि

Gemini (Mithuna)

कुंडली परिचय

पी.वी. सिन्धु की कुण्डली में कर्क लग्न है और लग्नेश चंद्रमा मेष राशि में अश्विनी नक्षत्र में दशम भाव में है — यह खिलाड़ी की सर्वश्रेष्ठ स्थितियों में से एक है। अश्विनी नक्षत्र (केतु-शासित, अश्विनी कुमारों का नक्षत्र) दशम भाव में: सहज प्रवृत्ति-चालित खेल, विचार की गति से तेज़ प्रतिक्रिया। मिथुन राशि में द्वादश भाव का सूर्य विदेशी मैदान पर सर्वोच्च प्रदर्शन का वादा है — रियो ओलम्पिक रजत, टोक्यो ओलम्पिक कांस्य, और विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण सभी विदेश में आए। मंगल का धर्म-कर्माधिपति योग (पंचमेश और दशमेश मंगल नवम भाव में) उनके खेल को व्यक्तिगत उपलब्धि से राष्ट्रीय धर्म बनाता है।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01अश्विनी चंद्र दशम भाव में — कर्क लग्नेश: सहज प्रवृत्ति-चालित खेल; कोर्ट पर चेतना की गति से तेज़ प्रतिक्रिया
  • 02धर्म-कर्माधिपति योग — नवम भाव में मंगल (पंचमेश-दशमेश): व्यक्तिगत उपलब्धि से राष्ट्रीय प्रतीक तक
  • 03द्वादश भाव में सूर्य — विदेश में सर्वोच्च चमक: रियो रजत, टोक्यो कांस्य, विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण
  • 04तृतीय भाव में बृहस्पति (उपचय) — निरन्तर तकनीकी उन्नति: 2019 विश्व चैम्पियनशिप स्वर्ण उपचय बृहस्पति का दीर्घकालिक पुरस्कार
  • 05कर्क लग्न में चंद्र-मंगल योग — भावनात्मक ऊर्जा का खेल-प्रदर्शन में सीधा रूपांतरण

सामान्य प्रश्न

पी.वी. सिन्धु का लग्न कौन सा है?

पी.वी. सिन्धु का लग्न कर्क (Cancer) है। 5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में प्रातः 7:30 बजे कर्क राशि उदित हो रही थी। लग्नेश चंद्रमा मेष राशि में अश्विनी नक्षत्र के दशम भाव में — यह खिलाड़ी की जन्मकुण्डली का सर्वोत्तम संयोजन है: सहज प्रवृत्ति-चालित खेल और राष्ट्रीय करियर पहचान।

सिन्धु अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर क्यों खेलती हैं?

द्वादश भाव में मिथुन सूर्य। द्वादश भाव विदेश और परदेशी मैदान का भाव है — यहाँ सूर्य का अर्थ है: सर्वोच्च प्रदर्शन विदेशी धरती पर। रियो, टोक्यो, जकार्ता, बेसल — सभी बड़े खिताब विदेश में आए। यह संयोग नहीं, कुण्डली का वचन है।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

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