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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

मुकेश अम्बानी

Mukesh Ambani

मुकेश अम्बानी की कुंडली — जन्म कुंडली विश्लेषण

मेष लग्न लग्न · तुला राशि चंद्र · विशाखा नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

19 April 1957

जन्म समय

6:00 AM

जन्म स्थान

Aden, Yemen

लग्न

मेष लग्न

Aries (Mesha)

चंद्र राशि

तुला राशि

Libra (Tula)

नक्षत्र

विशाखा नक्षत्र

Vishakha (Pada 3)

सूर्य राशि

Aries (Mesha)

कुंडली परिचय

मुकेश अम्बानी की कुण्डली में मेष लग्न है, और लग्न में ही लग्नेश मंगल और सूर्य — दोनों मेष राशि में — स्थित हैं। यह परशर-प्रतिपादित सर्वश्रेष्ठ लग्न-संरचनाओं में से एक है: लग्नेश अपनी राशि में लग्न में, सूर्य के साथ — यह निरंकुश कार्यकारी सत्ता का योग है। सप्तम भाव में तुला राशि में विशाखा नक्षत्र का चंद्रमा उनकी "दो-मोर्चे की रणनीति" का आधार है — जियो ने एक साथ दूरसंचार उद्योग को ध्वस्त किया और भारत का सबसे बड़ा डिजिटल उपभोक्ता मंच खड़ा किया। दशम भाव में मकर राशि में शनि का शश महापुरुष योग 50 वर्षों के संस्थागत साम्राज्य का ज्योतिषीय आधार है।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01लग्न में मेष सूर्य-मंगल — परशर की सर्वश्रेष्ठ लग्न-संरचना: निरंकुश कार्यकारी सत्ता और पूर्ण आत्मविश्वास
  • 02शश महापुरुष योग — दशम भाव में मकर शनि: दशकीय रणनीतिक दृष्टि; ₹1.5 लाख करोड़ जियो-निवेश
  • 03विपरीत राजयोग (हर्ष) — षष्ठ भाव में बृहस्पति (नवमेश): बाधाएँ अवसर में परिवर्तित; 2001 ऋण-संकट के बाद तीन गुना विस्तार
  • 04विशाखा चंद्र सप्तम भाव में — इन्द्र-अग्नि देवता: दो-मोर्चे की रणनीति; विद्यमान बाज़ार में प्रवेश और उसके नीचे नया बाज़ार निर्माण
  • 05चन्द्र-मंगल योग — प्रथम-सप्तम अक्ष पर विरोध: भावनात्मक तीव्रता का प्रतिस्पर्धी आक्रमण में रूपांतरण

सामान्य प्रश्न

मुकेश अम्बानी का लग्न कौन सा है?

मुकेश अम्बानी का लग्न मेष (Aries) है। 19 अप्रैल 1957 को एडेन में प्रातः 6 बजे मेष राशि उदित हो रही थी — और साथ में लग्नेश मंगल तथा सूर्य भी लग्न में थे। यह परशर की सर्वश्रेष्ठ लग्न-संरचनाओं में से एक है।

मुकेश अम्बानी की असाधारण सम्पत्ति का ज्योतिषीय कारण क्या है?

शश महापुरुष योग (दशम भाव में मकर शनि) और विपरीत राजयोग हर्ष (षष्ठ भाव में नवमेश बृहस्पति) — यह दोनों मिलकर बताते हैं कि रिलायन्स का सबसे बड़ा विस्तार हमेशा उसके सबसे गंभीर संकट के बाद क्यों हुआ।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

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