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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

करीना कपूर खान

Kareena Kapoor Khan

करीना कपूर खान की कुंडली — जन्म कुंडली विश्लेषण

मिथुन लग्न लग्न · वृषभ राशि चंद्र · मृगशिरा नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

21 September 1980

जन्म समय

10:50 PM

जन्म स्थान

Mumbai, Maharashtra

लग्न

मिथुन लग्न

Gemini (Mithuna)

चंद्र राशि

वृषभ राशि

Taurus (Vrishabha)

नक्षत्र

मृगशिरा नक्षत्र

Mrigashira (Pada 4)

सूर्य राशि

Virgo (Kanya)

कुंडली परिचय

करीना कपूर खान की कुण्डली में मिथुन लग्न है और लग्नेश बुध कन्या राशि में चतुर्थ भाव में — यह भद्र महापुरुष योग है। पंचमहापुरुष योगों में से एक, भद्र योग वाणी, बुद्धि और समाज में सम्मानित उपस्थिति देता है — 'बेबो' की स्व-स्थित, बौद्धिक, कभी-कर्कश-न-होने-वाली सार्वजनिक छवि इसी भद्र योग का प्रकटीकरण है। चतुर्थ भाव में सूर्य-बुध का बुधादित्य योग उनकी विश्लेषणात्मक कार्य-शैली और शिल्प-केन्द्रित साक्षात्कारों का स्रोत है। पंचम भाव में तुला राशि में शुक्र (स्वराशि) 25 वर्षों की रचनात्मक सत्ता का कारण है।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01भद्र महापुरुष योग — चतुर्थ भाव में कन्या बुध (स्वराशि, केन्द्र): वाणी, बुद्धि और सम्मानित सामाजिक उपस्थिति
  • 02बुधादित्य योग कन्या चतुर्थ भाव में — सर्वाधिक विश्लेषणात्मक संस्करण: शिल्प-केन्द्रित कार्य-शैली
  • 03पंचम भाव में शुक्र (तुला, स्वराशि) — 25 वर्षों की रचनात्मक सत्ता और सौन्दर्य-नेतृत्व
  • 04द्वादश भाव में मृगशिरा चंद्र — खोज की प्रवृत्ति: OTT मनोवैज्ञानिक थ्रिलर की ओर रचनात्मक विकास
  • 05लग्न में राहु — असाधारण सार्वजनिक आकर्षण और मीडिया ध्यान का केन्द्र

सामान्य प्रश्न

करीना कपूर का लग्न कौन सा है?

करीना कपूर खान का लग्न मिथुन (Gemini) है। 21 सितम्बर 1980 को मुम्बई में रात 10:50 बजे मिथुन राशि उदित हो रही थी। लग्नेश बुध कन्या राशि में चतुर्थ भाव में — भद्र महापुरुष योग — 25 वर्षों की बॉलीवुड सत्ता और बौद्धिक-सामाजिक नेतृत्व का आधार।

करीना कपूर की स्थायी सफलता का ज्योतिषीय कारण?

भद्र महापुरुष योग (चतुर्थ भाव में बुध) और पंचम भाव में शुक्र (तुला, स्वराशि) — बौद्धिक साख और रचनात्मक सत्ता का संयोजन। भद्र योग दीर्घकालिक सम्मान देता है; पंचम शुक्र दीर्घकालिक रचनात्मक उत्कर्ष। मिलकर 25 वर्षों की अटूट करियर सत्ता का निर्माण।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

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