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वैदिक ज्योतिष एवं ज्योतिष गणना

वैदिक जन्म कुंडली विश्लेषण

अमिताभ बच्चन

Amitabh Bachchan

अमिताभ बच्चन की कुंडली, जन्म कुंडली विश्लेषण

कुम्भ लग्न लग्न · कुम्भ राशि चंद्र · शतभिषा नक्षत्र नक्षत्र

जन्म तिथि

11 October 1942

जन्म समय

4:00 PM

जन्म स्थान

Allahabad, Uttar Pradesh

लग्न

कुम्भ लग्न

Aquarius (Kumbha)

चंद्र राशि

कुम्भ राशि

Aquarius (Kumbha)

नक्षत्र

शतभिषा नक्षत्र

Shatabhisha (Pada 2)

सूर्य राशि

Libra (Tula)

कुंडली परिचय

अमिताभ बच्चन की कुण्डली में कुम्भ लग्न है और चंद्रमा भी कुम्भ राशि में लग्न में ही विराजमान है। शतभिषा नक्षत्र के राहु-अधिपति चंद्रमा उनकी जनता पर जादुई पकड़ का रहस्य हैं। चतुर्थ भाव में गुरु का स्थित होकर चंद्रमा से केन्द्र में होना गजकेसरी योग बनाता है, यही योग उनकी युगान्तरकारी प्रसिद्धि और दीर्घकालीन यश का मूल कारण है। नवम भाव में सूर्य की तुला राशि में नीचस्थिति 1990 के दशक की आर्थिक तबाही का संकेत थी, परन्तु उसी नवम भाव की शक्ति ने उन्हें 'कौन बनेगा करोड़पति' के माध्यम से पुनर्जन्म दिया। शनि लग्नेश होने से उनमें अदम्य जिजीविषा और बार-बार उठ खड़े होने की क्षमता है।

प्रमुख योग एवं ग्रह-संयोग

  • 01गजकेसरी योग, लग्न के चंद्रमा से केन्द्र (चतुर्थ भाव) में गुरु: चिरस्थायी यश और सम्पन्नता का राजयोग
  • 02शतभिषा चंद्र लग्न में, राहु-अधिपत्य के शतभिषा नक्षत्र में चंद्रमा: जनता पर अतिमानवीय प्रभाव और रहस्यमयी व्यक्तित्व
  • 03अधि योग, लग्न-चंद्र के सापेक्ष शुभ ग्रहों की अनुकूल स्थिति: मंत्री-तुल्य प्रतिष्ठा और भौतिक समृद्धि
  • 04नीच सूर्य नवम भाव में, तुला राशि में नीच सूर्य: भाग्य में उतार-चढ़ाव, परन्तु शुक्र की संगति से नीचभंग
  • 05शनि वर्गोत्तम, दशमांश में शनि का सुदृढ़ होना: कर्मक्षेत्र में अपराजेय दीर्घायु

सामान्य प्रश्न

अमिताभ बच्चन का लग्न कौन सा है?

अमिताभ बच्चन का लग्न कुम्भ (Aquarius) है। 11 अक्टूबर 1942 को इलाहाबाद में सायं 4 बजे कुम्भ राशि पूर्वी क्षितिज पर उदित हो रही थी। लग्नेश शनि की प्रकृति, कठिनाइयों में टिके रहना, बार-बार उठ खड़ा होना, उनके जीवन की पूरी कहानी बयान करती है।

बच्चन जी के करियर के शिखर में कौन सी महादशा थी?

गुरु महादशा (लगभग 1968–1984) में 'ज़ंजीर', 'दीवार', 'शोले' और 'डॉन' जैसी कालजयी फ़िल्में आईं। गजकेसरी योग के बृहस्पति, द्वितीय एवं एकादश भावेश, ने इस दशा में वाणी, धन और जन-मान्यता की अपूर्व वर्षा की।

यह विश्लेषण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जन्म-डेटा और शास्त्रीय वैदिक सिद्धांतों पर आधारित है।

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